बीज की अपनी पूंजीखलिहान खास / फीचर
कहानी के भीतरगांव के सामुदायिक बीज बैंक का नियम 2025 की रिपोर्ट में दर्ज है। लहरी बाई का व्यक्तिगत संरक्षण कार्य भी इसी गांव से जुड़ा है।
- सामुदायिक बैंक से लिए बीज फसल के बाद दोगुने लौटाए जाते थे।
- लहरी बाई के घर में मिट्टी के पात्रों में बीज संरक्षण अलग सम्मान-पत्र में दर्ज है।
पूरी कहानी डिंडौरी·फीचर·10 मिनट

पौध से कारोबारहेमंत और ओम कुशवाह ने छोटी नर्सरी से शुरुआत की। अब पौध प्रदेश के बाहर जाती है और स्थानीय लोगों को काम मिलता है।
भोपाल·11 सितंबर·9 मिनट 
खेत पर विज्ञानIARI और कृषि विभाग की टीम ने विदिशा के हसुआ में खेत देखे और करीब 30 किसानों को रोग-कीट पहचानने का प्रशिक्षण दिया।
विदिशा·13 सितंबर·9 मिनट 
नरवाई का दूसरा रास्ताअधिकारियों ने डकाच्या के संयंत्र में फसल अवशेष से CNG बनने की प्रक्रिया देखी। प्रबंधन ने अपने खर्च पर अवशेष उठाने की जानकारी दी।
इंदौर·15 सितंबर·9 मिनट 
गांव की प्रयोगशालाटेमनी खुर्द में राजेश धारे का केंद्र प्राकृतिक खेती के आदान बनाता है और किसानों को उनका निर्माण व इस्तेमाल सिखाता है।
छिंदवाड़ा·12 सितंबर·9 मिनट 
खलिहान / मंदसौरजिला प्रशासन मंदसौर लहसुन को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट बताता है। भौगोलिक संकेत रजिस्टर में लहसुन का पंजीयन रतलाम रियावां लहसुन का है, 11 जनवरी 2022।
मंदसौर·27 अगस्त·10 मिनट
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खेत की नोटबुक
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खास बातें यहीं पढ़ें, पूरी रिपोर्ट आगे।
01इंदौर / खेत की बनावट का विज्ञानउठी क्यारी, बीच में नाली: सोयाबीन के खेत का पानी
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स्थायी क्यारी-नाली के साथ फसल-अवशेष रखने वाले उपचार में पूरी फसल-प्रणाली की उत्पादकता बढ़ी। सीहोर के गांवों में भी क्यारी-नाली के प्रदर्शन दर्ज हैं।
- परीक्षण 2017–2023 में इंदौर के अनुसंधान खेत पर हुआ।
- 27.4% वृद्धि पूरी फसल-प्रणाली की थी।
- उस उपचार में स्थायी क्यारियों के साथ फसल-अवशेष भी रखे गए।
02भोपाल / कटाई के बाद की कमाई250 टन प्याज की छंटाई का हिसाब
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ICAR के पुराने विवरण में हाथ और मशीन की लागत की तुलना है। एकसमान आकार के प्याज का भाव भी अधिक दर्ज है।
- ग्रेडर की बताई क्षमता दो टन प्रति घंटा।
- 16 दिन का आँकड़ा आठ घंटे की पाली पर गणना है।
03झाबुआ / देसी नस्ल, देखभाल का विज्ञानदड़बा, दाना और टीकाकरण: कड़कनाथ पालन का दर्ज अनुभव
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झाबुआ के दस पालकों वाले कार्यक्रम में चूजों की देखभाल साथ सिखाई गई। अलग से फरवरी 2026 में कुंडम के 31 किसानों को चूजे दिए गए।
- पुराने कार्यक्रम में प्रत्येक पालक को दस दिन के 100 चूजे मिले।
- रिपोर्ट में मृत्यु दर 50% से अधिक से घटकर 10–12% दर्ज है।
- 2026 का कुंडम कार्यक्रम अलग वितरण और प्रशिक्षण आयोजन था।
खलिहान के दो पन्ने
देश की जमीन से
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देश का गांवदो केस स्टडी नारियल छिलके से उत्पाद और ग्रामीण काम बनने की प्रक्रिया बताती हैं।
भारत·14 सितंबर·9 मिनट 
मिट्टी में मौसमबखिरा झील की परतों से शोधकर्ताओं ने लगभग 25 हजार वर्ष के कमजोर और मजबूत मानसून चरणों का क्रम बनाया।
भारत·10 सितंबर·9 मिनट
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आखिरी सफल स्रोत जाँच: 19 सितंबर 2026 को 18:17 बजे IST